नई दिल्ली, 12 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली की सड़कों को यूरोप के शहरों की तर्ज पर बनाने के बारे में दिल्ली सरकार ने गुरुवार को अहम बैठक की। इसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत चिह्न्ति की गई दिल्ली की सात सड़कों के निर्माण में आ रहीं सभी बाधाओं को जल्द से जल्द दूर करने का निर्देश दिया।
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में केजरीवाल ने कहा, सड़कों के री-डिजाइन को लेकर कंसल्टेंट नियुक्त करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इस प्रक्रिया को पीडब्ल्यूडी जल्द पूरी करे। इन सड़कों का विकास बिल्ट-ऑपरेट-ट्रांसफर (बीओटी) की तर्ज पर किया जाएगा। निर्माण एजेंसी 15 साल तक मेंटिनेंस की जिम्मेदारी संभालेगी। पायलट प्रोजेक्ट के तहत जिन 7 सड़कों का काम दिसंबर, 2020 तक पूरा होना था, कोविड-19 की वजह से उनकी समय सीमा बढ़ाकर मार्च, 2021 कर दी गई है।
दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी की 100 फीट चौड़ी और 500 किलोमीटर लंबी सड़क को यूरोपीय शहरों की तर्ज पर खूबसूरत बनाने पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने सड़कों को री-डिजाइन करने की परिकल्पना की है, ताकि राजधानी की सड़कें भी दुनिया के विकसित देशों की राजधानी की सड़कों की तरह खूबसूरत दिखें।
अभी पायलट प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली की 7 सड़कों को री-डिजाइन करने को मंजूरी दी गई है। केजरीवाल ने हाल ही में चांदनी चौक सड़क को पायलट प्रोजेक्ट के तहत दोबारा विकसित करते हुए दिल्ली की 100 फीट चौड़ी और करीब 500 किलोमीटर लंबी सड़क तक इस योजना का विस्तार किया था।
सड़कों के री-डिजाइन करने से बाटलनेक (जाम) खत्म होंगे। अभी कोई सड़क चार लेन से तीन लेन की हो जाती है या छह लेन से चार लेन की हो जाती है। इससे अचानक सड़क पर एक जगह वाहनों का दबाव बढ़ जाता है और जाम की स्थिति पैदा हो जाती है।
केजरीवाल ने कहा, सड़कों के री-डिजाइन के बाद यह समस्या खत्म हो जाएगी और सड़क एक समान चौड़ी दिखेगी, इससे जाम की समस्या खत्म हो जाएगी। सड़क किनारे या आस-पास की सड़कों का स्पेस खत्म करके उस जगह का अच्छे से इस्तेमाल किया जाएगा। फुटपाथ, नॉन मोटर व्हीकल के लिए जगह बनाई जाएगी। कम से कम 5 फुट के फुटपाथ को बढ़ाकर अधिकतम 10 फुट का किया जाएगा। दिव्यांगों की सुविधा के मुताबिक फुटपाथ को डिजाइन किया जाएगा, ताकि सड़क एक जैसी दिखें और दिव्यांगों को परेशानी न हो।
दिल्ली में अभी सड़कों के किनारे हरियाली का दायरा कम है। सड़कों के री-डिजाइन के बाद फुटपाथ पर पेड़ लगाने के लिए जगह होगी और ग्रीन बेल्ट के लिए भी जगह होगी। ऑटो व ई-रिक्शा के लिए अलग से जगह और स्टैंड दिया जाएगा। सड़क के स्लोप व नालों को री-डिजाइन व री-कंस्ट्रक्ट किया जाएगा।
जीसीबी/एसजीके
.Download Dainik Bhaskar Hindi App for Latest Hindi News.
Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

.
Post a Comment