नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि सरकार ने राशन की दुकानों के जरिए पोषक तत्व युक्त चावल (फोर्टिफाइड राइस) आपूर्ति बढ़ाने के लिए भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को राइस मिलों को जोड़ने का निर्देश दिया गया है।
मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि खासतौर से देश के 112 चिन्हित आकांक्षी जिलों में फोर्टिफाइड राइस की आपूर्ति किए जाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा इसके लिए केंद्र द्वारा प्रायोजित एक पालयट परियोजना चलाई गई है। पायलट परियोजना 2019-20 में 174.6 करोड़ रुपये के कुल बजट के साथ तीन साल के लिए शुरू की गई और चिन्हित किए गए 15 राज्यों में पांच राज्यों के संबद्ध चिन्हित जिलों मूें पहले ही शुरू हो चुकी है। इन पांच राज्यों में आंधप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और छत्तीसगढ़ शामिल हैं।
मंत्रालय ने बताया कि इस सिलसिल में मंगलवार को नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव सुधांशु पांडेय, एफएसएसएआई के सीईओ और अन्य हितधारक जैसे टाटा ट्रस्ट, वर्ल्ड फूड प्रोग्राम, न्यूट्रीशन इंटरनेशनल व अन्य के बीच एक बैठक हुई, जिसमें केंद्र की इस स्कीम को बढ़ावा देने पर विचार-विमर्श किया गया।
मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, पोषक युक्त चावल की गरी (फोर्टिफाइड राइस कर्नल यानी एफआरके) की आपूर्ति बढ़ाने की जरूरत महसूस की गई, क्योंकि वर्तमान में इसकी सालाना उपलब्धता सिर्फ 15,000 टन है।
मंत्रालय ने कहा कि इस संबंध में जरूरी निवेश के लिए एफसीआई को विभिन्न क्षेत्रों में चावल की मिलों को जोड़ने के लिए कहा गया है।
मंत्रालय ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस), बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) और मिड-डे मील (एमडीएम) योजना के तहत 112 जिलों के लिए 130 लाख टन फोर्टिफाइड राइस की जरूरत होगी, जिसके लिए एफआरके आपूर्ति बढ़ाकर करीब 1.3 लाख टन करने की जरूरत है।
अगर, पीडीएस की पूरी जरूरत के चावल की आपूर्ति की बात करें तो वह करीब 350 लाख टन है, जिसके लिए उद्योग से करीब 3.5 लाख टन एफआरके की आपूर्ति की जरूरत होगी।
सामान्य चाल के साथ एफआरके के मिश्रण के लिए देश में करीब 28,000 राइस मिलों को ब्लेंडिंग मशीन से युक्त करने की जरूरत होगी।
हाल ही में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष गोयल ने भी इस स्कीम की समीक्षा करते हुए देश में फोर्टिफाइड राइस की आपूर्ति बढ़ाने पर जोड़ दिया।
उन्होंने 2021-2022 से देश में आईसीडीएस और एमडीएम स्कीम के तहत और खासतौर से चिन्हित 112 आकांक्षी जिलों में फोर्टिफाइड राइस वितरण के लिए एफसीआई को व्यापक योजना बनाने का निर्देश दिया।
पीएमजे/एसजीके
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RACHNA SAROVAR
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