न्यूयॉर्क, 9 नवंबर (आईएएनएस)। कोविड-19 संकट के मद्देनजर अभूतपूर्व वित्तीय और मौद्रिक नीति के समर्थन से 2021 में वैश्विक ऋण की स्थिति में सुधार होने की संभावना है। मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस की रिपोर्ट में यह बात कही गई है।
मूडीज की एक नई रिपोर्ट में, एजेंसी ने छह प्रमुख विषयों की जांच की, जो आने वाले वर्ष में ऋण (क्रेडिट) वातावरण को आकार देंगे, जिनमें असमान रिकवरी, नीतिगत चुनौतियां, बढ़ते ऋण स्तर, डिजिटल परिवर्तन, पर्यावरणीय प्रभाव और सामाजिक रुझान शामिल हैं।
मूडीज में एसोसिएट मैनेजिंग डायरेक्टर ऐलेना दुग्गर ने कहा, संकट की शुरूआत के बाद से सरकारों का विशाल नीतिगत समर्थन कई उभरते बाजारों की तुलना में उन्नत बाजारों में एक मजबूत आर्थिक सुधार को बढ़ावा देगा और व्यापार एवं परिचालन की स्थिति उन क्षेत्रों के लिए लगातार संतुलित बनी रहेगी, जो महामारी संबंधित व्यवधान के लिए अधिक आसानी से अनुकूलित होते हैं।
उन्होंने कहा, हालांकि, यहां तक कि उन देशों में भी जो सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट को कम करने में कामयाब रहे हैं, निम्न सामान्य बाहरी मांग और सेवा क्षेत्रों में धीमी गति से वापसी से रिकवरी की गति में कमी आएगी।
मूडीज ने कहा है कि रिकवरी तेजी से बढ़ेगी। एजेंसी ने इसके पिछले मंदी की तुलना में तेजी से आगे बढ़ने संभावना जताई है।
शोध रिपोर्ट में कहा गया है कि मंदी के समय निजी क्षेत्र की ऋण वृद्धि की धीमी गति के मुकाबले 2021 तक कई क्षेत्रों के लिए ऋण वृद्धि में तेजी आएगी।
मूडीज के अनुमानों के अनुसार, सरकारी ऋण-से-सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) अनुपात बड़ी उन्नत अर्थव्यवस्थाओं में औसतन 20 प्रतिशत अंक और 2021 के अंत तक उभरते बाजारों में लगभग 15 प्रतिशत अंक अधिक होगा।
इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि विशेष रूप से अमेरिका-चीन संबंधों की दिशा में राजनीतिक और भू-राजनीतिक जोखिम नीति अनिश्चितताओं को पैदा करेगा। इसके अलावा अगले अमेरिकी राष्ट्रपति प्रशासन और ब्रेक्सिट को लेकर भी इसे एक प्रमुख मुद्दा बताया गया है।
एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि सार्वजनिक मुद्दों, कॉर्पोरेट रणनीतियों और निवेश निर्णयों में 2021 में सामाजिक मुद्दे प्रमुखता से आकर्षित होंगे।
एकेके/एएनएम
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RACHNA SAROVAR
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