नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। आलू और प्याज के बाद अब खाने के तेल में भी महंगाई का जबरदस्त तड़का लगा है। तमाम खाद्य तेल और तिलहनों के दाम में जोरदार उछाल आया है और निकट भविष्य में खाने के तेल की महंगाई से राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। मलेशिया में पाम तेल के उत्पादन में कमी के चलते घरेलू वायदा बाजार में क्रूड पाम तेल (सीपीओ) के भाव में बीते छह महीने में 53 फीसदी की तेजी आई है। सोयाबीन और सरसों में भी लगातार तेजी देखी जा रही है।
तेल-तिलहन बाजार के जानकार बताते हैं कि भारत में इस समय सरसों, सोया तेल और पाम तेल का भाव सर्वाधिक ऊंचे स्तर पर है और विदेशों से आयात महंगा होने से आने वाले दिनों में कीमतों में और तेजी की संभावना बनी हुई है।
बाजार सूत्रों के अनुसार, देशभर में कच्ची घानी सरसों का थोक भाव गुरुवार को 1,155 रुपये प्रति 10 किलो था, जबकि सोया तेल का थोक भाव 995-1010 रुपये प्रति 10 किलो और पाम तेल (आरबीडी) का भाव 935 से 945 रुपये प्रति 10 किलो था। वहीं, सूर्यमुखी तेल का थोक भाव 1,180 रुपये से 1,220 रुपये प्रति 10 किलो था।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर गुरुवार को सीपीओ का भाव बीते सत्र से करीब दो फीसदी की तेजी के साथ 869.70 रुपये 10 प्रति किलो तक उछला, जबकि सात मई 2020 को सीपीओ का अनुबंध 567.30 रुपये प्रति 10 किलो तक टूटा था। इस प्रकार, बीते छह महीने में सीपीओ के दाम में 53 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है।
केडिया एडवायजरी के डायरेक्टर अजय केडिया ने बताया कि मलेशिया में पाम तेल के उत्पादन में गिरावट आने से कीमतों में तेजी आई है। उन्होंने बताया कि क्रूड पाम तेल के साथ-साथ देश में सरसों और सोयाबीन की कीमतों तेजी को देखते हुए आने वाले दिनों में खाने के तेलों की कीमतों में और तेजी की संभावना बनी हुई है।
खाद्य तेल उद्योग के जानकार बताते हैं कि ऑयल कांप्लेक्स में सबसे सस्ता पाम तेल है जिसके दाम में बढ़ोतरी का असर खाने के तमाम तेलों पर पड़ता है।
उधर, वैश्विक बाजार में सोयाबीन और सोया तेल के दाम में भी जबरदस्त उछाल आया है। तेल बाजार के जानकारी सलिल जैन बताते हैं कि ब्राजील में सोयाबीन का स्टॉक तकरीबन समाप्त हो गया है, जिससे चीन की मांग अमेरिका की तरफ शिफ्ट हो गई है। लिहाजा, शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड (सीबोट) पर सोयाबीन और सोया तेल में तेजी देखी जा रही है। उन्होंने बताया कि सीबोट पर सोयाबीन का भाव चार साल के ऊंचे स्तर पर चला गया है।
सेंट्रल ऑर्गेनाइजेशन फॉर ऑयल इंडस्ट्री एंड ट्रेड (सीओओआईटी) के अध्यक्ष लक्ष्मीचंद अग्रवाल ने कहा कि पाम तेल और सोया तेल समेत अन्य खाद्य तेलों के दाम में वृद्धि का असर सरसों तेल पर भी पड़ा है, जबकि सरसों की फसल बीते सीजन में कम रहने से भी कीमतों को सपार्ट मिला है। उन्होंने कहा कि दाम में तेजी से चालू रबी सीजन में सरसों की बिजाई में किसानों की दिलचस्पी बढ़ेगी।
देश में कृषि उत्पादों के सबसे बड़े वायदा बाजार नेशनल कमोडिटी एंड डेरीवेटिव्स एक्सचेंज (एनसीडीएक्स) पर गुरुवार को सरसों के नवंबर अनुबंध का भाव 6,348 रुपये प्रतिक्विंटल तक उछला। वहीं, एनसीडीएक्स पर सोयाबीन के नवंबर अनुबंध का भाव 4339 रुपये प्रतिक्विंटल तक चढ़ा।
पीएमजे/एसजीके
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RACHNA SAROVAR
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