डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। एंटीगुआ और बारबुडा के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन ने पड़ोसी डोमिनिका से भगोड़े व्यवसायी मेहुल चोकसी को सीधे भारत को सौंपने को कहा है, ताकि उनपर लगे आपराधिक आरोपों का वह भारत में सामने कर सके। डोमिनिका में चोकसी की गिरफ्तारी की खबर आने के बाद, ब्राउन ने एंटीगुआ न्यूज रूम से बातचीत में ये बयान दिया है। बता दें कि मेहुल चोकसी को हाल ही में डोमिनिका ने पकड़ा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मेहुल चोकसी क्यूबा भागने की फिराक में था। इंटरपोल ने उसकी गिरफ्तारी के लिए येलो नोटिस जारी कर रखा था।
CNN-News18 से बातचीत में डोमिनिका पुलिस ने कहा कि उसे नॉर्थ डोमिनिका के ऐसे इलाके से पकड़ा गया, जहां एक भी एयरपोर्ट नहीं है। माना जा रहा है कि उसने नाव के सहारे ही डोमिनिका में एंट्री ली। स्थानीय पुलिस ने आगे बताया कि मेहुल चोकसी को डोमिनिका की राजधानी रोज के कैनफील्ड बीच पर देखा गया था। उस दौरान वह समूद्री बीच में कुछ दस्तावेजों को बहा रहा था। उसकी इस संदिग्ध गतिविधियों को देखकर पुलिस को शक हुआ और उसने पूछताछ की। जब पुलिस वालों ने मेहुल चोकसी से डोमिनिका आने का मकसद पूछा तो वह हक्का-बक्का रह गया और उसने जवाब देने से इनकार कर दिया।
बता दें कि एक दिन पहले यह खबर आई थी कि चौकसी एंटीगुआ-बारबुडा से लापता हो गया है। वहां की मीडिया के मुताबिक, पुलिस रविवार से चोकसी की तलाश कर रही थी। चौकसी आखिरी बार रविवार शाम 5.15 बजे देखा गया था। मेहुल चोकसी पर पंजाब नेशनल बैंक में 13500 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है। चौकसी जनवरी 2018 में विदेश भाग गया था। बाद में पता चला कि वह 2017 में ही एंटीगुआ-बारबुडा की नागरिकता ले ली है। पीएनबी घोटाले की जांच कर रही है केंद्रीय जांच ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय चौकसी के प्रत्यर्पण की कोशिश में जुटी हैं।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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