डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट कमिटी आन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) की बैठक में गन्ना किसानों के लिए 3,500 करोड़ रुपये की निर्यात सब्सिडी को मंजूरी दे दी गई है। यह सब्सिडी चीनी मिलों के विपणन वर्ष 2020-21 के दौरान 60 लाख टन चीनी के निर्यात के लिए मिलेगी। सरकार के इस फैसले से करीब 5 करोड़ गन्ना किसानों को लाभ होगा। सब्सिडी की यह रकम सीधे किसानों के खाते में जाएगी।
कैबिनेट की फैसले की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि 60 लाख टन चीनी का निर्यात किया जाएगा। सब्सिडी 60 लाख टन चीनी निर्यात पर 6,000 रुपए किलो प्रति टन की दर से दी जाएगी। दरअसल, किसान अपना गन्ना चीनी मिलों को बेच देते हैं, हालांकि किसानों को चीनी मिल मालिकों से उनका बकाया नहीं मिल रहा है क्योंकि उनके पास सरप्ल्स चीनी स्टॉक है। इस चिंता को दूर करने के लिए, सरकार सरप्ल्स चीनी स्टॉक को निकालने की सुविधा प्रदान कर रही है। इससे गन्ना किसानों का बकाया भुगतान हो सकेगा। इस फैसले से पांच करोड़ गन्ना किसानों और चीनी मिलों में कार्यरत पांच लाख श्रमिकों को होगा।
जावड़ेकर ने कहा, चीनी उद्योग और गन्ना किसाना दोनों संकट में है। इसकी बड़ी वजह अधिक घरेलू उत्पादन है। 260 लाख टन की मांग के मुकाबले घरेलू उत्पादन 310 लाख टन है। इससे पिछले विपणन वर्ष 2019-20 में सरकार ने 10,448 रुपये प्रति टन की एकमुश्त निर्यात सब्सिडी दी थी। इससे सरकारी खजाने पर 6,268 करोड़ रुपये का बोझ पड़ा था। चालू विपणन वर्ष के दौरान सरकार ने पिछले साल के मुकाबले कम निर्यात सब्सिडी का प्रस्ताव किया गया है।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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