डिजिटल डेस्क, मुंबई। एक मेजर एविएशन डील में टाटा संस एयर एशिया इंडिया में 32.67 प्रतिशत अधिक हिस्सेदारी खरीदेगी। इसके बाद एयरलाइन में उसकी कुल हिस्सेदारी 83.67 प्रतिशत हो जाएगी। वर्तमान में, टाटा संस की एयर एशिया इंडिया में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है। एयर एशिया ग्रुप के पास 49 प्रतिशत शेयर है। यह सौदा 3.77 करोड़ डॉलर में होगा और इसके मार्च 2021 तक पूरा हो जाने का अनुमान है। एयर एशिया Berhad अपनी बची हुई 16.33 फीसदी की हिस्सेदारी बेचने के लिए दो चरणों में पुट ऑप्शन लाएगी। इससे उसे 18.83 मिलियन डॉलर यानी 138.27 करोड़ रुपये हासिल होंगे।
ग्रुप का कहना है कि भारतीय कारोबार में अपनी हिस्सेदारी बेचने से एयर एशिया ग्रुप प्रमुख साउथ ईस्ट एशियाई बाजारों में अपनी रिकवरी पर ध्यान दे सकेगा। ट्रैवलिंग पर कोविड-19 महामारी का असर होने से ग्रुप का इन बाजारों में कारोबार प्रभावित हुआ है। एयर एशिया ग्रुप के सीईओ टोनी फर्नांडीज ने सितंबर में कहा था कि समूह साउथईस्ट एशिया में अपनी मौजूदगी को कंसोलिडेट और मजबूत करना चाहता है। इसका अभिप्राय जापान और भारत से कारोबार समेटना हो सकता हैय़ नवंबर में एयर एशिया ने घोषणा की थी कि वह भारत में अपने निवेश की समीक्षा कर रही है क्योंकि वहां इसके परिचालनों पर आ रही लागत कंपनी पर वित्तीय बोझ डाल रही है।
एयर एशिया के कारोबार पर नजर डालें तो जून तिमाही में कंपनी को 332 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। पिछले करीब 6 वर्षों से कंपनी को कोई मुनाफा नहीं हुआ है। एयर एशिया के पास फिलहाल 2,500 कर्मचारी हैं, जिसमें से 600 पायलट हैं। एयर एशिया इंडिया के पास 30 एयरबस A320 विमान है जो 19 डोमेस्टिक डेस्टिनेशन तक उड़ान भरते हैं। वहीं दूसरी ओर, टाटा संस विमानन क्षेत्र में अपनी पैठ को बढ़ाने की कोशिश कर कर रहा है। हाल ही में उसने कथित तौर पर महाराजा एयरलाइन एयर इंडिया में हिस्सेदारी खरीदने के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट भी प्रस्तुत किया है।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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