डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। मौद्रिक नीति समिति (मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी) ने रेपो रेट को 4% और रिवर्स रेपो रेट 3.35% पर बनाए रखा है। यानी कि रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) बैठक के नतीजों की घोषणा में यह बात सामने आई है।
Marginal Standing Facility Rate & bank rate remains unchanged at 4.2% and the reverse repo rate stands unchanged at 3.35%: Shaktikanta Das, RBI Governor https://t.co/rmTmNXPLdE
— ANI (@ANI) October 9, 2020
रेपोरेट में बदलाव न होने का सीधा मतलब यह कि ईएमआई या लोन की ब्याज दरों पर नई राहत नहीं मिलेगी। बता दें कि अगस्त में भी पॉलिसी रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ था। हालांकि फरवरी 2019 से अब तक रेपो रेट में 2.50 फीसदी की बड़ी कटौती हो चुकी है।
क्या होता है रेपो रेट?
रेपो रेट वह दर होती है, जिस पर आरबीआई बैंकों को कर्ज देता है। दरअसल जब भी बैंकों के पास फंड की कमी होती है, तो वे इसकी भरपाई करने के लिए केंद्रीय बैंक यानी आरबीआई से पैसे लेते हैं। आरबीआई की तरफ से दिया जाने वाला यह लोन एक फिक्स्ड रेट पर मिलता है। यही रेट रेपो रेट कहलाता है। इसे भारतीय रिजर्व बैंक हर तिमाही के आधार पर तय करता है।
रिवर्स रेपो रेट
यह रेपो रेट से उलट होता है। बैंकों के पास जब दिन-भर के कामकाज के बाद बड़ी रकम बची रह जाती है, तो उस रकम को रिजर्व बैंक में रख देते हैं। इस रकम पर आरबीआई उन्हें ब्याज देता है। रिजर्व बैंक इस रकम पर जिस दर से ब्याज देता है, उसे रिवर्स रेपो रेट कहते हैं।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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