नई दिल्ली, 21 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सोमवार को लोकसभा में रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी का ऐलान करते हुए सदन को आश्वस्त किया कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) और राज्यों की सरकारी एजेंसियां एमएसपी पर पहले की तरह किसानों से फसलों की खरीद करती रहेगी।
रबी सीजन की छह प्रमुख फसलों में सबसे ज्यादा मसूर के एमएसपी में 300 रुपये प्रतिक्विंटल का इजाफा किया गया है, जबकि गेहूं के एमएसपी में 50 रुपये प्रतिक्विंटल की वृद्धि की गई है।
फसल वर्ष 2020-21 के रबी सीजन के लिए गेहूं का एमएसपी पिछले साल से 50 रुपये बढ़ाकर 1,975 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। जौ का एमएपी पिछले साल से 75 रुपये बढ़ाकर 1,600 रुपये प्रतिक्विंटल कर दिया गया है। चना का का एमएसपी पिछले साल 225 रुपये बढ़ाकर 5,100 रुपये प्रतिक्विंटल कर दिया गया है। मसूर के एमएसपी में 300 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। मसूर का एमएसपी 5,100 रुपये प्रतिक्विंटल कर दिया गया है। सरसों का एमएसपी 225 रुपये बढ़ाकर 4,650 रुपये प्रतिक्विंटल कर दिया गया है। कुसुम का एमएसपी 112 रुपये प्रतिक्विंटल बढ़ाकर 5,327 रुपये प्रतिक्विंटल कर दिया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने सोमवार को फसल वर्ष 2020-21 (जुलाई-जून) के रबी सीजन की छह प्रमुख फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी को मंजूरी दी। केंद्रीय कृषि मंत्री तोमर ने रबी फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी के सरकार के फैसले का लोकसभा में ऐलान किया। कृषि से जुड़े दो विधेयकों से एमएसपी पर खरीद को लेकर किसानों की आशंका दूर करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि एमएसपी पर खरीद जारी रहेगी।
तोमर ने कहा, कांग्रेस के शासन काल में वर्ष 2009 से वर्ष 2014 के बीच 1.52 लाख मीट्रिक टन दाल की खरीद हुई थी। हमारी सरकार ने वर्ष 2014 से वर्ष 2019 के मध्य 76.85 लाख मीट्रिक टन दाल किसानों से खरीदी है।
पीएमजे/एसजीके
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RACHNA SAROVAR
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