नई दिल्ली, 23 अगस्त (आईएएनएस)। दाल और बेसन में चने की मांग जोर पकड़ने से चने के दाम में लगातार तेजी का रुख बना हुआ है। इस महीने में चने के दाम में 300 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा हुआ है और आगे त्योहारी मांग बनी रह सकती है जिससे चने का भाव और तेज हो सकता है।
कृषि उत्पादों का देश का सबसे बड़ा वायदा बाजार, नेशनल कमोडिटी एंड डेरीवेटिव्स एक्सचेंज (एनसीडीएक्स) पर 31 जुलाई को चना का सितंबर वायदा अनुबंध 4,122 रुपये प्रतिक्विंटल पर बंद हुआ था जबकि बीते शुक्रवार को चने का भाव 4,420 रुपये प्रतिक्विंटल तक उछला।
इस प्रकार, इस महीने अब तक चने के दाम में 300 रुपये प्रतिक्विंटल तक की वृद्धि हो चुकी है।
हालांकि सरकार द्वारा तय न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से अभी भी चने का भाव कम ही है। केंद्र सरकार ने फसल वर्ष 2019-20 के लिए चना का एमएसपी 4,875 रुपये प्रतिक्वंटल तय किया था।
तीसरे अग्रिम उत्पादन अनुमान के अनुसार, फसल वर्ष 2019-20 में चने का उत्पादन 109 लाख टन रहने का आकलन किया गया है।
कारोबारी बताते हैं कि तमाम दालों में चना दाल सबसे सस्ती है इसलिए चना दाल की मांग बढ़ गई है। वहीं, त्योहारी सीजन में बेसन में चने की मांग तेज होने से इसकी कीमतों में और वृद्धि की संभावना बनी हुई है। कारोबारी बताते हैं कि चने का भाव इस त्योहारी सीजन में 5,000 रुपये प्रतिक्विंटल से उपर जा सकता है क्योंकि तमाम दालों के दाम में वृद्धि का रुख है।
चना दाल की खुदरा कीमत इस समय देश के विभिन्न बाजारों में 70-100 रुपये प्रति किलो है।
दलहन बाजार के जानकार मुंबई के अमित शुक्ला ने बताया कि कोरोना काल में सरकार द्वारा मुफ्त वितरण योजना के तहत चना बांटने से चने की खपत बढ़ गई है जिससे इसकी कीमतों में तेजी देखी जा रही है।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत पीडीएस के प्रत्येक लाभार्थी परिवार को हर महीने एक किलो साबूत चना दिया जाता है। जुलाई से लेकर नवंबर के दौरान करीब 9.70 लाख टन चने की जरूरत होगी।
पीएमजे/जेएनएस
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RACHNA SAROVAR
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