नई दिल्ली, 26 अगस्त(आईएएनएस)। मोदी सरकार ने देश में हर घर जल उपलब्ध कराने वाली योजना को फुलप्रूफ बनाने की तैयारी की है। इसके लिए रिटायर्ड आईएएस ए के जैन को मोर्चे पर लगाया है। ए के जैन की अध्यक्षता में बनी नौ सदस्यीय कमेटी देशभर में दौरा कर योजना की जमीनी सच्चाई जानेगी। कमेटी तीन महीने के अंदर रोडमैप तैयार करेगी। जिसके आधार पर सरकार योजना की प्रभावी मॉनीटरिंग के लिए ठोस कदम उठाएगी। साढ़े तीन लाख करोड़ की इस योजना के तहत 2024 तक देश के हर घर को नल कनेक्शन से जोड़कर शुद्ध पीने का पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। सरकार हर तरीके से इस योजना को सफल बनाने की कोशिशों के तहत कदम उठा रही है।
जल शक्ति मंत्रालय के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि, योजना के तहत गांवों में घर-घर को नल कनेक्शन दिए जा रहे। गांवों में इसके लिए जल समितियां भी गठित हो रही हैं। इन्हीं समितियों के जरिए स्थानीय स्तर पर हर घल जल योजना का संचालन होता है। कोई भी एक रुपये में नल का कनेक्शन ले सकता है। लेकिन घरों में कनेक्शन लगाने से लेकर यूजर चार्जेज वसूलने और जल समितियों की सक्रियता से लेकर पूरी योजना की मॉनीटरिंग सही तरीके से अभी नहीं हो पा रही है। जब तक योजना की सही मानीटरिंग नहीं होगी, तब तक इसका लाभ जनता को नहीं मिलेगा। इसके मद्देनजर कुछ ठोस कदम उठाए जाने की जरूरत है। जिसको लेकर जल शक्ति मंत्रालय ने रिटायर्ड आईएएस ए के जैन की अध्यक्षता में एक टेक्निकल और एक्सपर्ट कमेटी गठित करने का निर्णय लिया। बीते 24 अगस्त को मंत्रालय ने कमेटी गठन का आदेश भी जारी कर दिया। ए के सिन्हा, इस वक्त ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ लोकल सेल्फ गवर्नमेंट, मुंबई के सेंटर फार सस्टनेबल गवर्नेस के डायरेक्टर भी हैं।
इस कमेटी में चेयरमैन ए के जैन के अलावा हरियाणा के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी सिंचाई देवेंद्र सिंह, गुजरात के वाटर सप्लाई सेक्रेटरी धनंजय द्विवेदी, गुजरात के भाष्कराचार्य इंस्टीट्यूट फॉर स्पेशल अप्लीकेशन के डॉ. टी पी सिंह, इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी रिसर्च एकेडमी के डायरेक्टर नरेंद्र आहूजा, डीसी मिश्रा, राजेंद्र जी होलानी, अनिमेश भट्टाचार्य, प्रदीप सिंह शामिल हैं।
योजना की प्रगति की बात करें तो योजना शुरू होने पर वर्ष 2019-20 के दौरान 84 लाख से अधिक घरों को नल कनेक्शन से जोड़ा गया। वहीं लॉकडाउन के शुरूआती तीन महीने के दौरान भी जल शक्ति मंत्रालय की कोशिशों से देशभर के गांवों में 19 लाख से अधिक नल कनेक्शन दिए गए। इस प्रकार एक करोड़ से ज्यादा घरों को इस योजना से जोड़ा जा चुका है। गांधीजी के ग्राम स्वराज मॉडल के आधार पर इस योजना में भी गांव-गांव ग्राम जल और स्वच्छता समितियों का गठन होता है। इसी समूह के ऊपर नल, पानी की टंकी आदि की देखरेख की जिम्मेदारी होती है।
मंत्रालय को भरोसा है कि 2024 तक हर घर को चालू घरेलू नल कनेक्शन से जोड़ने का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। इस योजना के तहत प्रतिदिन एक घर में 55 लीटर पानी की आपूर्ति होती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से 15 अगस्त, 2019 को जल जीवन मिशन के शुभारंभ का ऐलान करते हुए कहा था कि राज्यों के साथ साझेदारी करते हुए हर घर जल योजना के जरिए प्रत्येक घर को नल कनेक्शन प्रदान किया जाएगा। अब योजना को और बेहतर तरीके से लागू करने के लिए व्यापक रोडमैप बनाने में सरकार जुटी है।
एनएनएम/एएनएम
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RACHNA SAROVAR
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