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इंडियाबुल्स-एंबेसी का विलय दोनों के लिए एक रणनीतिक फैसला : विरवानी (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)

नई दिल्ली, 24 अगस्त (आईएएनएस)। एंबेसी समूह के अध्यक्ष और संस्थापक जितेंद्र जीतू विरवानी ने कहा कि इंडियाबुल्स रियल एस्टेट और एंबेसी के बीच विलय दोनों कंपनियों के लिए एक रणनीतिक निर्णय है।

अरबपति विरवानी ने आईएएनएस के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि एंबेसी मुख्य रूप से बेंगलुरू में स्थित है, जबकि इंडियाबुल्स के पास 95 प्रतिशत आवासीय संपत्ति का आधार है।

उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि इंडियाबुल्स को बेंगलुरू के तेजी से बढ़ते वाणिज्यिक बाजार में एंबेसी के लिए भाग लेने की अनुमति देकर दोनों कंपनियों को विलय से लाभ होगा।

विरवानी ने कहा कि संयुक्त इकाई के पास एनसीआर, एमएमआर और बेंगलुरू के प्रमुख टियर-1 बाजारों के साथ-साथ रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण टियर-2 शहरों तक पहुंच होगी और इसमें वाणिज्यिक और आवासीय दोनों परिसंपत्तियों का बहुत संतुलित मिश्रण होगा।

क्षेत्र में पुनरुद्धार पर, उन्होंने कहा कि निवेशक और घर खरीदार के विश्वास को वापस आने की जरूरत है। विरवानी ने कहा, वास्तव में यह कहना बहुत मुश्किल है कि इसमें कितना समय लगेगा, लेकिन मुझे पूरा यकीन है कि यह जल्द से जल्द होगा।

पेश है साक्षात्कार के कुछ प्रमुख अंश :

प्रश्न : इंडियाबुल्स रियल एस्टेट लिमिटेड और एंबेसी समूह ने एक विलय किया है। इस कदम का मुख्य कारण क्या है?

उत्तर : विलय दोनों कंपनियों के लिए एक रणनीतिक निर्णय है। एंबेसी मुख्य रूप से बेंगलुरू आधारित है, जबकि इंडियाबुल्स के पास 95 प्रतिशत आवासीय संपत्ति का आधार है। मुझे लगता है कि दोनों कंपनियों को विलय से लाभ होगा। इंडियाबुल्स को बेंगलुरू के तेजी से बढ़ते वाणिज्यिक बाजार में और एंबेसी के लिए भाग लेने की अनुमति देते हुए इसमें लाभ होगा, क्योंकि यह हमें पूरे देश के स्तर पर उपस्थिति बनाने की अनुमति देता है।

संयुक्त इकाई के पास एनसीआर, एमएमआर और बेंगलुरू के प्रमुख टियर-1 बाजारों के साथ-साथ रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण टियर-2 शहरों तक पहुंच होगी और इसमें वाणिज्यिक और आवासीय संपत्ति दोनों का बहुत संतुलित मिश्रण होगा।

प्रश्न : प्रमोटरों की संरचना में क्या बदलाव होगा?

उत्तर : सभी अनुमोदन प्राप्त होने पर और विलय पूरा होने के बाद एंबेसी समूह की कुछ इकाइयां नई प्रवर्तक संस्थाएं बन जाएंगी और मौजूदा आईबीआरईएल प्रमोटर्स खुद को प्रमोटरों के रूप में विघटित करने की कोशिश करेंगे।

प्रश्न : संयुक्त आईबीआरईएल इकाई भारत की अग्रणी रियल एस्टेट विकास कंपनियों में से एक बन जाएगी। नई इकाई की पहुंच और विस्तार किस प्रकार से होगा?

उत्तर : यह विलय लॉन्च की गई परियोजनाओं (10,700 करोड़ रुपये) और भूमि बैंक स्वामित्व (3,353 एकड़) से शुद्ध अधिशेष (नेट सरप्लस) के मामले में एक बाजार का लीडर पैदा करेगा। नियोजित आवासीय परियोजना क्षेत्र (लगभग 3.8 करोड़ वर्ग फुट) और इन्वेंट्री फॉर सेल के संदर्भ में संयुक्त इकाई दूसरी सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी बन जाएगी।

संयुक्त इकाई के पास मुंबई, बेंगलुरू और एनसीआर में फैली 30 परियोजनाएं होंगी। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण टियर-2 शहरों में 8.08 करोड़ वर्ग फुट की विकास क्षमता होगी। विलय की गई इकाई रियल एस्टेट क्षेत्र में सूचीबद्ध कंपनियों में अग्रणी बाजार दिग्गजों में से एक होगी।

प्रश्न : नई इकाई के लिए वाणिज्यिक और आवासीय अचल संपत्ति में क्या अवसर हैं?

उत्तर : जैसा कि मैंने पहले कहा है, विलय की गई इकाई को प्रमुख टियर-1 और टियर-2 बाजारों में एक पूरक पैन-इंडिया की उपस्थिति से लाभ होगा। विलय हमें विविधीकरण और परिसंपत्ति वर्गों का संतुलन मिश्रण, 53 प्रतिशत वाणिज्यिक और 47 प्रतिशत आवासीय क्षेत्र प्रदान करेगा। नियोजित वाणिज्यिक संपत्ति में 4.32 करोड़ वर्ग फुट की विकास क्षमता है।

इसके अतिरिक्त, एनसीआर, एमएमआर, नासिक और चेन्नई में 3,353 एकड़ का एक भूमि बैंक मौजूद है, जो हमें लंबी अवधि में और विकास के अवसर प्रदान करेगा।

प्रश्न : नए प्रवर्तकों के रूप में, भविष्य की रणनीति क्या होगी?

उत्तर : हमारा तत्काल ध्यान निर्मित और काम चल रही साइट (इन्वेंट्री) को बेचकर 10,700 करोड़ रुपये की नकदी प्राप्त करना होगा, जिसके लिए 200 करोड़ रुपये की बहुत कम अतिरिक्त पूंजी की आवश्यकता है। प्राप्त होने वाली नकदी को नियोजित परियोजनाओं और अन्य नए बाजार के अवसरों के लिए फिर से लगा दिया जाएगा।

प्रश्न : रियल एस्टेट सेक्टर के कब तक पुनर्जीवित होने की उम्मीद है? क्या घरों जैसे बड़े आइटम की खरीदारी के लिए आत्मविश्वास है?

उत्तर : निवेशक और घर खरीदारों के विश्वास को वापस आने की जरूरत है। यह कहना बहुत मुश्किल है कि कितना समय लगेगा, लेकिन मुझे पूरा यकीन है कि यह बाद में जल्द ही होगा।

प्रश्न : एसईजेड और विनिर्माण क्षमता के लिए क्या योजनाएं हैं?

उत्तर : अभी तक हमारे पास एसईजेड भूमि के लिए कोई विशिष्ट योजना नहीं है। हम इन लैंड बैंकों के लिए उचित रणनीति का मूल्यांकन करेंगे।

एकेके/एसजीके



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Indiabulls-Embassy merger a strategic decision for both: Virwani (IANS Exclusive)
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Source From
RACHNA SAROVAR
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