नई दिल्ली, 20 अगस्त (आईएएनएस)। जूट के नकली बीजों के कारोबार पर नकेल कसने और किसानों को उन्नत किस्म के बीच मुहैया करवाने के मकसद से भारतीय पटसन निगम (जेसीआई) ने राष्ट्रीय बीज निगम (एनएससी) के साथ करार किया है।
केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी और केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने की मौजूदगी में दोनों संगठनों ने बुधवार को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने के बाद फसल वर्ष 2021-22 के लिए जेसीआई 10,000 क्विंटल जूट के जेआरओ-204 किस्म के प्रमाणित बीज वितरित करेगा।
इससे पहले वाणिज्यिक वितरण के लिए जेसीआई द्वारा राष्ट्रीय बीज निगम से प्रमाणित बीज खरीदे जाएंगे। मंत्रालय ने बताया कि इससे 5-6 लाख किसान परिवार लाभान्वित होंगे, नकली बीज के बाजार में भारी कमी आएगी और जेसीआई के राजस्व में वृद्धि होगी। उत्पादकता में वृद्धि से किसानों की आय बढ़ेगी और 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य तक पहुंचने का एक लंबा रास्ता तय होगा।
स्मृति ईरानी ने कहा कि इस वर्ष फरवरी में घोषित राष्ट्रीय तकनीकी कपड़ा मिशन में जूट और जूट वस्त्र उत्पादों के लिए एक विशेष प्रावधान है। जल निकायों के तटबंध (लाइनिंग) बनाने में, सड़क निर्माण में और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन रोकने के लिए संरचनाओं के निर्माण में जूट के उपयोग को बढ़ाने की अपार संभावना है। उन्होंने कहा कि घरेलू बाजार के लिए जूट की आवश्यकता की पूर्ति करने के साथ-साथ इसके उत्पादों निर्यात को भी बढ़ावा देना है।
वहीं, केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि देश में कच्चे जूट के उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार और इसके उत्पादों के मूल्य संवर्धन से प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी। उन्होंने तय समय सीमा के भीतर जूट निर्यात क्षमता के निर्माण के लिए एक रोड मैप तैयार करने पर भी जोर दिया।
पीएमजे/एसजीके
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RACHNA SAROVAR
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