डिजिटल डेस्क, नयी दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा को चालू वित्त वर्ष की 30 जून को समाप्त तिमाही में एकल आधार पर 864 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में बैंक ने 710 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया था।
शेयर बाजार को दी जानकरी में बैंक ने कहा कि आकस्मिक व्यय और फंसे कर्ज के लिए ऊंचे प्रावधान के चलते उसे एकल आधार पर 864 करोड़ रुपये जबकि एकीकृत आधार पर 679 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। समीक्षावधि में बैंक की ब्याज से आय 2.38 प्रतिशत घटकर 18,494 करोड़ रुपये रही।
इससे पिछले वित्त वर्ष 2019-20 की अप्रैल-जून तिमाही में यह 18,944 करोड़ रुपये थी। इस दौरान बैंक का फंसे कर्ज के लिए प्रावधान और आकस्मिक व्यय 71.32 प्रतिशत बढ़कर 5,628 करोड़ रुपये रहा। इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 3,285 करोड़ रुपये था। समीक्षावधि में बैंक की सकल गैर-निष्पादित आस्तियां (एनपीए) उसके सकल ऋण का 9.39 प्रतिशत रहीं। इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह अनुपात 10.28 प्रतिशत था। वहीं बैंक का शुद्ध एनपीए 2.83 प्रतिशत रहा जो पिछले साल इसी तिमाही में 3.95 प्रतिशत था।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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