पटना, 25 अगस्त (आईएएनएस)। पूर्व मध्य रेलवे जोन के तहत बिहार के पांच रेलवे स्टेशनों को जल्द ही पीपीपी मॉडल के तहत हवाईअड्डों की तर्ज पर फिर से विकसित किया जाएगा।
भारतीय रेल की वैधानिक इकाई, रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए), राजेंद्र नगर टर्मिनल (पटना), मुजफ्फरपुर, गया, सिंगरौली और बेगूसराय रेलवे स्टेशनों को फिर से विकसित करेगी।
इन पांच रेलवे स्टेशनों के फिर से विकसित करने का कार्य पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत किए जाएंगे।
आरएलडीए के वाइस चेयरमैन वेद प्रकाश ने कहा, इन स्टेशनों को अत्याधुनिक तकनीक से युक्त किया जाएगा, जिसमें प्लेटफॉर्म, शॉपिंग एरिया, इंटरनेट, कैफेटेरिया, मेडिकल इमरजेंसी बूथ और अन्य लिंक के साथ फूड प्लाजा, रेस्तरां, पार्किं ग जोन जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।
उन्होंने कहा, स्टेशनों को हवाईअड्डों के पैटर्न पर विकसित किए जाएंगे, जिसमें यात्रियों को आराम की सुविधा के साथ-साथ विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान किया जाएगा। प्रस्तावित विकास न केवल बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेगा, बल्कि क्षेत्र में अचल संपत्ति के मूल्य को भी बढ़ाएगा।
आरएलडीए ने भारतीय रेलवे नेटवर्क में रेलवे स्टेशनों का फिर विकसित करने का जिम्मा लिया है, जिसमें वर्तमान में 62 स्टेशनों पर चरणबद्ध तरीके से काम चल रहा है।
इसके अलावा, इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, जो कि आरएलडीए और इरकॉन का एक संयुक्त उद्यम है, इसने भी अन्य 61 स्टेशनों को फिर से विकसित करने का जिम्मा लिया है।
पहले चरण में, आरएलडीए ने नई दिल्ली, तिरुपति, देहरादून, नेल्लोर और पुदुचेरी जैसे प्रमुख स्टेशनों पर फिर से विकास के लिए काम को प्राथमिकता दी है।
वाइस चेयरमैन ने कहा, पूरे भारत में रेलवे स्टेशनों को केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स के एक भाग के रूप में पीपीएल मॉडल पर आरएलडीए द्वारा फिर से विकसित किया जाएगा।
एवाईवी/एसजीके
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RACHNA SAROVAR
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